जो सवाल एक बार देखने से हल नहीं होता
मकान देखने जाना आपको एक दिन का एक घंटा दिखाता है। दक्षिणमुखी बालकनी सुनने में पक्की बात लगती है, जब तक पता न चले कि सामने वाली इमारत तस्वीर वाली इमारत से दो मंज़िल ऊँची है।
पता डालिए, और धूप-घंटों की रिपोर्ट बता देगी कि वहाँ सचमुच कितने घंटे रोशनी पहुँचती है: आज, ग्रीष्म संक्रांति, विषुव और शीत संक्रांति पर, सुबह, दोपहर और शाम के हिस्से अलग-अलग करके।
देखने जाने से पहले घर की धूप जाँचिए
- नक्शे पर पता खोजिए।
- छत के बीचोंबीच नहीं, बल्कि बालकनी, बगीचे या इमारत की उस तरफ़ टैप कीजिए जहाँ मुख्य खिड़कियाँ हैं।
- धूप-घंटों की रिपोर्ट खोलिए। आज और ग्रीष्म संक्रांति के धूप-घंटे मुफ़्त हैं; विषुव, शीत संक्रांति और पूरा साल Pro में हैं।
- सुबह, दोपहर और शाम के हिस्सों को इससे मिलाइए कि आप कमरों को असल में कैसे इस्तेमाल करेंगे।
- देखने जाएँ तो वे चीज़ें जाँचिए जो नक्शा नहीं जान सकता: पेड़, ऊपर वाली बालकनी, शामियाने और बाड़।
शीत संक्रांति वाला आँकड़ा ही असली है
जून में धूप लगभग हर जगह आ जाती है। उजले और अँधेरे फ़्लैट में फ़र्क़ दिसंबर का आँकड़ा करता है, जब सूरज सामने की छत से मुश्किल से ऊपर उठता है और किसी आँगन की धूप एक घंटे से भी कम रह जाती है।
रिपोर्ट साल के दोनों सिरे साथ-साथ दिखाती है, ताकि आपको सबसे अच्छा हाल नहीं, पूरी रेंज दिखे।
बालकनी, बगीचा और वह जगह जहाँ मेज़ रखनी है
पूरे मकान पर धूप एक जैसी नहीं पड़ती। इमारत की जगह बालकनी पर टैप कीजिए और उसी बिंदु की धूप-रेखा मिलेगी। बगीचे के दूसरे सिरे पर यही कीजिए, तो जवाब अक्सर अलग निकलेगा।
जहाँ कोई जगह उसके बाहरी हिस्से पर नहीं, इमारत पर टैग की गई है, वहाँ ऐप सूरज की तरफ़ वाली दीवार से नापता है, जो सबसे नज़दीकी ईमानदार अंदाज़ा है जो वह लगा सकता है।
किन बातों में सावधानी रखें
इमारतों की ऊँचाई कभी-कभी नापी नहीं जाती, मंज़िलों की गिनती से निकाली जाती है, इसलिए एक मंज़िल की चूक हो सकती है। पेड़, बाड़ और शामियाने गणना में शामिल ही नहीं हैं। जिस इलाक़े का नक्शा कम बना है, वहाँ ऐप यह बता देता है और नतीजे को माप नहीं, ऊपरी सीमा मानता है।
इसे छँटनी करने और देखने जाकर बेहतर सवाल पूछने के लिए इस्तेमाल कीजिए, किसी सर्वे की तरह नहीं।
आम सवाल
कैसे पता करें कि किसी घर में कितनी धूप आती है?
पता खोजिए और धूप-घंटों की रिपोर्ट खोलिए। यह उस जगह पर आज और ग्रीष्म संक्रांति को सीधी धूप के घंटे बताती है, सुबह, दोपहर और शाम में बँटे हुए, और यह हिसाब आस-पास की इमारतों के आकार और ऊँचाई से लगाया जाता है। Pro विषुव, शीत संक्रांति और पूरा साल जोड़ता है।
क्या ऐसे पते की भी जाँच हो सकती है जहाँ कभी जाना नहीं हुआ?
हाँ। ऐप क़रीब हर जगह काम करता है: कवरेज यूरोप के शहरों में सबसे अच्छी है और बाक़ी जगहों के ज़्यादातर बड़े शहरों में अच्छी। जहाँ इमारतों का डेटा कम है, वहाँ ऐप ख़ाली नक्शा दिखाने के बजाय यह बात बता देता है।
क्या घर ख़रीदते समय इस पर भरोसा किया जा सकता है?
इसे छँटनी करने और बेहतर सवाल पूछने के लिए इस्तेमाल कीजिए, किसी सर्वे की तरह नहीं। इमारतों की ऊँचाई कभी-कभी मंज़िलों की गिनती से निकाली जाती है, इसलिए एक मंज़िल की चूक हो सकती है, और पेड़, बाड़ और शामियाने गणना में शामिल नहीं हैं।
क्या प्रॉपर्टी एजेंट किसी लिस्टिंग के ब्योरे में इसका इस्तेमाल कर सकता है?
ये आँकड़े कोई भी, किसी भी पते के लिए जाँच सकता है, इसलिए रोशनी को लेकर ख़रीदार जो सवाल पूछते हैं, उसका जवाब देने का यह एक निष्पक्ष तरीक़ा है। किसी जगह को लिंक से शेयर करना मुफ़्त है। वही सावधानियाँ यहाँ भी लागू हैं: नतीजे को यह बताइए कि सूरज कहाँ तक पहुँच सकता है, उसे माप मत कहिए।
सर्दियों का आँकड़ा गर्मियों वाले से ज़्यादा अहम क्यों है?
जून में लगभग हर घर में धूप आती है। दिसंबर में सूरज इतना नीचे रहता है कि सामने वाली इमारत दिन के ज़्यादातर हिस्से उसे रोक सकती है, इसलिए उजले और अँधेरे घर में फ़र्क़ शीत संक्रांति का आँकड़ा ही करता है।